तेरी हर अदा उससे मिलती है
तेरे आने से चमन की हर कलि खिलती है
तू जब मेरे करीब आती है हर तरफ जैसे बहार छा जाती है
तू जब मेर और देख कर मुस्कुराती है
तो मुज्हे तुझ में अपनी चार साल की बेटी नज़र आती है
Every [...]
Category » Poems
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When I look at you…
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How i became a poet
अपने ग़म में ही मैं इतना खुश था
मुझे किसीका इन्तेज़ार न था
किसी लड़की के लिए शायरी लिखू
मैं इतना कभी बेकार न था
एक वजह यह भी थी के…
मैं क्यों कभी शायर न था …
के मेरा दिल किसी की बेवफाई
से घायल न था
I was even glad that [...]
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प्यार – महोब्बत – इश्क – उल्फत
प्यार – महोब्बत – इश्क – उल्फत
यह सिर्फ मुहासे है जवानी में सभ को आते है
आते है और फिर उम्र के साथ गायब हो जाते है
जवान खून है तुम्हारा इसलिए खोलता है उबलता है
जैसे जैसे उम्र ढलती है पता चलता है
के हुकुम आखिर सिर्फ तुम्हारे [...]
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Poem..
18-11-2009
तेरी हर अदा उससे मिलती है // तेरे आने से चमन की हर कलि खिलती है // तू जब मेरे करीब आती है // हर तरफ जैसे बहार छा जाती है // तू जब मेर और देख कर मुस्कुराती है // तो मुज्हे तुझ में [...]
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She…
She
She would run a mileto give a cute smile
hit me, bit me, hug me
and sometimes kiss me
Then she gives me odd looks
like those characters of my books
sometimes she acts very wise
even asks me my shirt’s price
There are days when she will decide
that all other things [...]
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Poem..
11-11-2009
वोह चाहती नहीं मुझे तो कोई बात नहीं // मैं चाहता हु उसे क्या यही काफे नहीं ? // उम्मीद थी ही नहीं कभी उनसे उम्र भर के साथ की // काफी लगती थी हमेशा उसकी वोह पल भर की मुस्कान ही. rough translation [...]
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Poem..
10-11-2009
वोह खामोश पल आज भी // तुम्हे क्या पता … हमें कितना तद्पाते है // आज भी हम उस ही मोड़ पे खड़े है // जहा तुमने कहा था “हम अभी आते है” … English Translation … “Those moments of silence are still so hard, [...]
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Shayari
24-10-2009
(Its just a shayari.. an expression of thought at that point of time. (8-9 years ago) It is not disrespect to god…. also not a reflection of the person today… please do not take it otherwise…) नास्तिक // जिसको इतने करीब से जाना // जिसे [...]
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Poem..
13-10-2009
बार बार कह तो रहा हु पर पता नहीं मैं अपने आप को फिर कैसे संभल पाऊँगा // ज़िन्दगी से दर लगता था तो तुम्हारे पास आता अब तुम नहीं तो कहा जाऊँगा // शायाद की इस तूफ़ान से मैं किशी तरह से बच के [...]
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Poem..
06-10-2009
प्यार का अंजाम तो वैसे भी जुदाई है // इस ही लिए महोब्बत कर ली हमने अपनी तन्हाई से // यह असर हुआ उसकी बेवफाई से // के भरोसा नहीं रहा अब हमें अपनी परछाई पे //