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Sep 24, 2009
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Poem..

 

24-09-2009

अपने ग़म में ही मैं इतना खुश था …. मुझे किसीका इन्तेज़ार न था … किसी लड़की के लिए शायरी लिखू … मैं इतना कभी बेकार न था … एक वजह यह भी थी के… मैं क्यों कभी शायर न था … के मेरा दिल किसी की बेवफाई से घायल न था

 

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